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Kumar Vikash

Romance

3.5  

Kumar Vikash

Romance

इश्क का रंग

इश्क का रंग

1 min
96


अभी तो निगाहों को भा रहे हो तुम ,

अभी तो दिल में इश्क का रंग चढ़ा है।

अभी तो खूबियाँ बहुत दिख रही हैं ,

अभी तो बस जरा तुझमे घमंड चढ़ा है।


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