STORYMIRROR

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

4  

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

इश्क का इजहार

इश्क का इजहार

1 min
16


तुम्हारे इश्क के हम फरिश्ते है,

हम तुम बन रह सकते ही नहीं,

तुम से इजहार हम कर बैठे है,

हम तन्हाईयांँ सहे सकते नहीं।


हम तुम को कुछ कह सकते है,

हम खामोशी में रह सकते नहीं,

दिल की बात हम तुमसे करते है,

हम दिखावा करनेवालों में से नहीं।


तुम एतबार हम पर कर सकती है,

दिल में झांककर क्यूं देखती नहीं?

हम सच्चा इश्क तुमसे ही करते है,

कभी बेवफा हम बन सकते नहीं।


हम तुम पर हक जता सकते है,

हम मायूस कभी रहे सकते नहीं,

लब पर तुम्हारा ही नाम है "मुरली",

हम तुमसे कभी दूर रहे सकते नहीं।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama