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बेज़ुबानशायर 143

Tragedy

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बेज़ुबानशायर 143

Tragedy

इन्हें भारत में डर लगता है

इन्हें भारत में डर लगता है

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कोई खौफ नहीं है इन्हें,..

पुलिस के सामने पुलिस..

पर ही गोली चला रहें है ।

सनातनी हिन्दू संस्कृति के..


हमारे पर्व और त्योहार इन्हें..

रास क्यों नहीं आ रहे है.. ?


नेताओं सब का साथ, सब का..

विकास, की रामधुन गाओ।

भेड़ियों पर विश्वास किया है ..

जनता को मत भुगताओ ।।


रामलला कैद से छूटें तो अब ..

जन्मदिन पर पत्थर खा रहें है ।

मुझे तो, मेरे राम अपने ही, ...

देश में असहाय नजर आ रहें है ।।


हमारे आराध्या जन्मोत्सव..

पर भी ईंट पत्थर खायें !

इनके आराध्या  की गुस्ताखी..

में गर्दन भी उतर जायें !!


मुझे तो पाकिस्तान में रहने..

जैसी फीलिंग आ रही है !

भारत तुझे तोड़ने तक तेरी..

छाती पर मूंग दली जा रही है !!


दंगे हो यही इनकी फ़ितरत है

गजवा ऐ हिन्द की हसरत है


व्यापक सोच हो तो मनन करो ।

फिदाईन हमले है मत भरम करो ।।

कश्मीर में आग ऐसे ही फैली थी ।

घाव ही नासूर बने थे किसने सोची थी ।।



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