STORYMIRROR

Me Mahishwar

Romance Fantasy

4  

Me Mahishwar

Romance Fantasy

हयात

हयात

1 min
226

पिछले जाड़े मेरा उस शख्स से मिलना हुआ है

उसी दिन से उससे इश्क हुआ और अच्छा खासा हुआ है


तुम मेरी आंखों में झांकोगे तो समंदर पाओगे, 

वो समंदर जो खुद दरिया में डूबा हुआ है।


सोचती, निहारती, महसूस करती हूं उसे हर लम्हे, 

मेरे लमहे लमहे में हर लमहे वो ऐसा शामिल हुआ है।


उसके दोस्तों ने हंसते खेलते मेरे हयात में उसका नाम लिख दिया, 

मेरा एक सहदौर भी इस खेल से जुड़ा हुआ है।।


अपनी जुंबिश को थाम उसका हाथ थामे रखती हूं, 

आने वाले बरस हमारे मिलन का वादा हुआ है।


आकाश को तकते तकते परवाने ने, ना जाने कैसे एक साल गुज़ार लिए

खुदा जनता है दोनों ने कैसे खुद को रोका हुआ है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance