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Sweta Mahi

Abstract


3.5  

Sweta Mahi

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मेरा शराबी यार

मेरा शराबी यार

1 min 184 1 min 184

खुद को अकेले पाया जब लोग दो चार आए,

पर उस महफिल से कैसे दूर जाऊं

जिस महफिल में मेरा यार आए।।

हुस्न के नशे में धुत,

वो छलका रहा है जाम आंखो से।

मै भी गले से लगा लूं

अगर उसे मुझ पर प्यार आए।।।


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