STORYMIRROR

Me Mahishwar

Others

2  

Me Mahishwar

Others

वो गैरों को चाहता है

वो गैरों को चाहता है

1 min
127

मेरे साथ चलता है किसी और के निशां ढूंढता है।

सब यहां पर्दे में है तू किसको बेरीदां ढूंढ़ता है।

दिखलाता है ऐसे, जैसे तेरे तवस्सुद से वाक्किफ नहीं मैं।

तू मुझे अपना बनाना छोड़, गैरों को यहां-वहां ढूंढ़ता है।।।


Rate this content
Log in