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Shivanand Chaubey

Tragedy

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Shivanand Chaubey

Tragedy

हत्यारे

हत्यारे

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हर इंसा है अपराधी 

और हर इंसा हत्यारा है,

कत्ल करे है मानवता का 

नफरत सबको प्यारा है।


गर्भ में पल रही बेटी मारे

जन्म भी न ले पाई जो,

जाति धर्म के नाम पे झगड़े

हो रहा कैसा यारा है।


कत्ल हो रहे रिश्ते नाते

कत्ल हो रही खुशियां हैं,

कत्ल हो रहे अरमानों की

किश्ती का न किनारा है।


कत्ल हो रहाा वीरों का 

बलिदानों की गौरव गाथा 

कत्ल हो गई मां की लोरी

शिवम जो बचपन प्यारा है।


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