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Om Prakash Fulara

Drama

5.0  

Om Prakash Fulara

Drama

होली

होली

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उड़त गुलाल आज,

धरती के भाल पर,

सखी संग नाचे गोरी,

देखो होली आई रे।


हाथ पिचकारी लेके,

युवकों की टोली चली,

झूम उठे तन मन,

कैसी खुशी छाई रे।


राग द्वेष भूलकर,

बरसत प्रेम रंग,

मिले गले सब झन,

बन भाई भाई रे।


खुशियों को संग लिए,

मन में उमंग लिए,

प्रेम का संदेश लिए,

देखो होली आई रे।।


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