Om Prakash Fulara
Abstract
आत्मचिंतन जो करता, सुखी वही है आज
मन भ्रमित नहीं होत है, बनते सारे काज
आत्मचिंतन से मिलती, नित्य सभी को राह
मन विकार सारे मिटे, नहीं रहेगी चाह
निज सुख बढ़ता ही रहे, दूजा भी सुख पाय
आत्मचिंतन में रहते, सारे कष्ट-उपाय।
आँधी
गजल
पतझड़
वात्सल्य
संघर्ष
हिंदी
नारी
चम्पकमाला छन्...
डरो ना
आत्मचिंतन
वही काम वही काम काम ही काम ज़िन्दगी होती हराम वही काम वही काम काम ही काम ज़िन्दगी होती हराम
जल्द जाएगी ससुराल आखिर कैसी हो गयी यह गर्मी विकराल। जल्द जाएगी ससुराल आखिर कैसी हो गयी यह गर्मी विकराल।
वक़्त होगा जब सही हमारा, तब उस पल नहीं सताएगा। वक़्त होगा जब सही हमारा, तब उस पल नहीं सताएगा।
समझना और समझाना जरूरी जीवन गणित की मजबूरी समझना और समझाना जरूरी जीवन गणित की मजबूरी
चमचमाती रातें और टिमटिमाते तारों का साथ। चमचमाती रातें और टिमटिमाते तारों का साथ।
मुलाक़ात तो उन्हें छोड़ उनसे जमाने भर की शिकायात हुई। मुलाक़ात तो उन्हें छोड़ उनसे जमाने भर की शिकायात हुई।
कुछ है नया तो वह खुद उभर कर आएगा।कुछ है नया तो वह खुद उभर कर आएगा। कुछ है नया तो वह खुद उभर कर आएगा।कुछ है नया तो वह खुद उभर कर ...
तब मां तुझे मैं याद करके अकेले में चुपके से रोती हूं। तब मां तुझे मैं याद करके अकेले में चुपके से रोती हूं।
रूह आईना बना मुझे मेरी हकीकत दिखलाता। रूह आईना बना मुझे मेरी हकीकत दिखलाता।
जो बिताए खेले हम घड़ी भर बेटी से, पूरा आंगन हसीं किलकारी से है भर देती। जो बिताए खेले हम घड़ी भर बेटी से, पूरा आंगन हसीं किलकारी से है भर देती।
सिंह समान जीना सिखलाएं मातृभूमि पर मिटना बतलाएं। सिंह समान जीना सिखलाएं मातृभूमि पर मिटना बतलाएं।
वरना जिंदगी की हर शह के, मिट जाने की चर्चा सरेआम है। वरना जिंदगी की हर शह के, मिट जाने की चर्चा सरेआम है।
बगल में गर खंजर हो। खुशनुमा कैसे कोई मंजर हो। बगल में गर खंजर हो। खुशनुमा कैसे कोई मंजर हो।
अब तो यही है आज का दोस्ती वाला प्यार। अब तो यही है आज का दोस्ती वाला प्यार।
मन कहीं दूर निकलना चाहता है पर मन मेरा जा नहीं पाता है। मन कहीं दूर निकलना चाहता है पर मन मेरा जा नहीं पाता है।
एक दूसरे को दुःखी नहीं करना चाहते फिर दुआ दे ही जाते हैं, एक दूसरे को दुःखी नहीं करना चाहते फिर दुआ दे ही जाते हैं,
ये फूल रंग बिखेरते हुए, ये रंग बिरंगे फूल..... ये फूल रंग बिखेरते हुए, ये रंग बिरंगे फूल.....
पूर्व जन्म के रिश्तों का अहसास जगाता है, दिल में उतरकर बस जाता है, पूर्व जन्म के रिश्तों का अहसास जगाता है, दिल में उतरकर बस जाता है,
शुक्र गुज़ार होगे आपके हमें ढूंढ के हमसे मिलाया करों। शुक्र गुज़ार होगे आपके हमें ढूंढ के हमसे मिलाया करों।
होगा रोशन उसका नाम, मुझको विश्वास है ऐसा। होगा रोशन उसका नाम, मुझको विश्वास है ऐसा।