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Vidya Sharma

Abstract

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Vidya Sharma

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राम धारा

राम धारा

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राम राम कहिये

राम राम सुनिए,

राम नाम गाओ जीवन राग ...

राम एक आशा

राम विश्वास

राम एक जीवन का आधार....

राम एक सूरज

राम एक चंदा,

राम प्रकाश का है उदगार...

राम जैसे नदियां

राम जैसे सागर,

राम नाम जैसे अमृत धार...

राम नाम गंगा,

राम नाम जमुना,

राम नाम धोये मन के पाप...

राम तुम मुक्ति

राम तुम बन्धन,

राम तुम करते भव से पार....

राम नाम नैया

राम पतवार,

राम तुम ही हो, खेवनहार....

तुम्हारे होते,

दीन दयाला,

कैसे उजड़ा ये संसार....

राम कृपाला

अब तो आओ,

सुन कर मेरी करुण पुकार....

तुम बिन रामा

कौन हरेगा

मुझ दुखिया का संताप....

राम तुम ज्योति,

मन अंगना में,

जोत जलाओ अबकी बार....

राम मैं तेरी,

राम तुम मेरे

कर लो मुझे तुम अब स्वीकार....

राम राम राम राम.......



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