STORYMIRROR

Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

Thriller Children

4  

Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

Thriller Children

होली

होली

1 min
242

राधा के संग श्याम भी,

खेल रहे देखो होली।

आपस में इक रंग डाले,

आती मिलकर जब टोली।


रंग पक्का था प्यार का,

बेशक शरीर होते दो,

पूरे जगत में नाम है,

कहके गये जगत में वो।


नहीं कभी वो होते थे,

सारा जगत है जानता,

अमिट प्यार है राधा का,

हर जन यही है मानता।


रंगों के बड़े पर्व पर,

सभी बांटते मिलके दर्द,

गर्मी आये या बसंत,

या चलती हो हवा सर्द।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Thriller