होली में रंग लगा जाना
होली में रंग लगा जाना
होली में आपका हार्दिक स्वागत है सूर्यदेव,
स्वर्ण रथ पर सवार होली मनाने आ जाना!
हम भक्तों की एक विनती है आपसे दादा,
गुलाबी रंग पर, गुलाबी धूप बिखरा जाना!
इस बार होली में, खड़ी न हो कोई बाधा,
इस बार दादा होली मनाने का है इरादा।
दोपहर में थोड़ा सा आप नरम हो जाना,
गालों पर लगे गुलाल को, चमका जाना!
इस बार भी सुन लेना विनती संग बात।
अपनी रेशमी मुलायम, सुंदर किरणों से,
तन पर लगे रंगों को खूब महका जाना !
होली मनाने प्रियतम तुम ज़रूर आ जाना।
जबतक आप चमकते रहते हैं गगन में,
होली में एक अजीब खुशी होती मन में।
आप बिन होली कैसी होली, याद रखना,
भक्तन हाथों से रंग, गुलाल लगा जाना!

