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Dr Shikha Tejswi ‘dhwani’

Drama

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Dr Shikha Tejswi ‘dhwani’

Drama

हेमन्त

हेमन्त

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आती है जब ऋतु हेमन्त,

लाती है ख़ुशियाँ अनन्त।

हल्की - हल्की सर्दी लाती,

कर देती गरमी का अंत।


घूमंतू साईबेरियन क्रेन है आते,

मनमोहक सा दृश्य फैलाते।

पृथ्वी सूर्य से दूर हो जाती,

ठण्ड की शुरूआत हो जाती।


शाम जल्दी ढलने लगती,

हम भी घर जल्दी आ जाते।

चटपटे पकौड़े खाते,

कम्बल तान के सो जाते।


कार्तिक, अघहन, पूस मास,

मस्ती में कट जायेंगे।

शिशिर मास के आने पर,

हम ठण्ड से कपकपायेंगे। 


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