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Dr Shikha Tejswi ‘dhwani’

Comedy

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Dr Shikha Tejswi ‘dhwani’

Comedy

हमारी बाई

हमारी बाई

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आजकल हमारी बाई बाइक पर आती है,

वो खाना बना कर चली जाती,

मैं बरतन पोंछा करती हूँ।


चोका अगर गंदा मिले तो

खाना नहीं बनाती है।

उपर से मूझे ताना देकर,

ख़ूब सफाई करवातीं है।

जब तक रसोई सूख ना जाये,

वो सोफ़े पर बैठी रहती है।

मुझसे चाय बनवाने में वो,

तनिक ना झिझकिताती है।


समझ नहीं पाती हूँ मैं,

कौन किसका है नौकर?

पाकर उसको धन्य हुए हैं,

बन गये हैं हम नौकर।।


एक़ महामारी ऐसी फैली,

शनिदेव के कोप से।

राजा रंक को रख दिया,

एक तराज़ू में तोल के।।


डॉ शिखा तेजस्वी ‘ध्वनि’


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