Win cash rewards worth Rs.45,000. Participate in "A Writing Contest with a TWIST".
Win cash rewards worth Rs.45,000. Participate in "A Writing Contest with a TWIST".

Sunil Gajjani

Classics


4  

Sunil Gajjani

Classics


गज़ल

गज़ल

1 min 231 1 min 231

सुनो वो मखमल-सा आदमी है 

शायद कांटों में खिला आदमी है !


मखमल में टाट के है कसीदे 

लगता ज़मीन से जुड़ा आदमी है !


हिमालय गवाह हर वक़्त का 

वो हर दौर से गुजरा आदमी है !


भीड़ से किसका पता पूछ रहा वो 

आज भी कागजों में उलझा आदमी है !


आदमी खुद को ही चुनौती दे रहा 

उसूलों की राह जो खड़ा आदमी है !


Rate this content
Log in

More hindi poem from Sunil Gajjani

Similar hindi poem from Classics