गुलाब शीशे का है…..
गुलाब शीशे का है…..
गुलाब शीशे का है…..
सच की महक में सदियों से लिपटा है
गुलाब शीशे का है…..
इसकी नजाकत देखों, कमाल का रंग बिखेरता है
गुलाब शीशे का है…..
खामोशियों को चुपके से सुनता है
गुलाब शीशे का है…..
अपनी सदा से दश्त में सच की बारिश बरसाता है
गुलाब शीशे का है…..
सच की आरज़ू में एक सच्चा आईना है
गुलाब शीशे का है…..
कई झूठ मिटाकर, सच की लकीर पर खड़ा है
गुलाब शीशे का है…..
हाँ, गुलाब शीशे का है
सच्चे वफा का एक खूबसूरत नगमा है

