ये तुम्हारे ही शब्द है
ये तुम्हारे ही शब्द है
ये तुम्हारे ही शब्द है
जो मुझे आके बताते है
सुनो, देखो जरा उस मंजिल के पार
एक लफ़्ज़ों का दरिया बहता है दिन-रात
हम भी देखेंगे एक क्षितिज
जो तुम्हारे ही शब्दों से किया गया हो अधोरेखीत
ये तुम्हारे ही शब्द है
जीवन का राग
प्रेम की भाषा
चाहत की कशिश
प्रीत का सावन
गीत का गुंजन
रात का चाँद
ये तुम्हारे ही शब्द है
खुशियों की आवाज है
वृक्षों को पल्लवित कर जाते है
शब्दों की ही बरसात से
ये तुम्हारे ही शब्द है
जो दिल से मुस्कराते है
गम की राहों पर बार-बार
ये तुम्हारे ही शब्द है
शब्द दर्पण जीवन दर्पण
ये तुम्हारे ही शब्द है
वसुंधरा का सौंदर्य
ये तुम्हारे ही शब्द है
एक अनमोल उपहार
ये तुम्हारे ही शब्द है
हमारी अनोखी पहचान
