सदियों की चाहत में
सदियों की चाहत में
सदियों की चाहत में,
छिपा एक चेहरा है,
लगता थोडा परिचित है,
सदियों की चाहत में,
छिपा एक चेहरा है,
पता नहीं किसके प्रेम मैं,
इतना जो निखरा है
थोडी सी खामोशी,
और ढ़ेर सारी बातें,
यक़ीनन, वक्त उसका आईना है
सदियों से प्रतीक्षित,
एक पतझड में,
आएगी बहार
जल्द ही दिलों में

