गर्मागर्म
गर्मागर्म
गर्मागर्म काफी मिले, मन को कर दे खुश।
चैन मिले तन को तभी, मिट जाये ये दुख।
मन को एकाग्र करना हो तो पिये ये काफी।
दिन की थकान मिटती, मिले जो आपाधापी।
काफी में कैफीन है, डाल देता एक आदत।
चाय, काफी, शराब की, बुरी बहुत जग लत।
आओ एक चुसकी लगे, फिर हो जाये बाते।
काफी जरूर पी लेना, अनेक लोगों का मत।
सुबह सवेरे उठकर, पीते लोग मिलकर चाय।
जब बुढ़ापा आता है, करते देखे वो हाय हाय।
चाय शराब बीड़ी सिगरेट, अच्छी नहीं बताई।
लत डालती हैं सभी ये, बचकर रहना है भाई।।
