STORYMIRROR

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Action

4  

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Action

रिश्ते होते हर तरह के

रिश्ते होते हर तरह के

1 min
225

रिश्ते

उलझते

रिश्ते

सुलझते

रिश्ते

टूटते

रिश्ते

जुटते

रिश्ते

अनवरत

चलते

रहते

रिश्ते

ठहर से

जाते

रिश्ते

प्रेमयुक्त

रिश्ते

प्रेमरहित

रिश्ते

रिश्तों

के भीतर

वात्सल्य प्रेम

रिश्तों 

के भीतर

दांपत्य प्रेम

रिश्तों 

के भीतर

कसैला प्रेम

रिश्तों

के भीतर

विषैला प्रेम

रिश्तों 

के भीतर

स्याह प्रेम

रिश्तों 

के भीतर

रंगीन प्रेम

रिश्तों 

के भीतर

मीठा तीखा

खट्टा प्रेम

रिश्ता

सच्चा

रिश्ता

झूठा

रिश्ते

होते

हर तरफ के



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract