STORYMIRROR

Sonam Kewat

Tragedy Action

4  

Sonam Kewat

Tragedy Action

शोर

शोर

1 min
355

मेरे अंदर एक शोर है 

जो अब खामोश हो रहा है 

मन में भी शांति नहीं और 

बाहर भी शोर हो रहा है

सोचा जिंदगी में कुछ करेंगे पर 

अब कुछ और हो रहा है

अब मेरे अंदर भी शोर है और 

बाहर भी शोर हो रहा है 

कैसे शांत करूँ खुद को 

कुछ भी समझ नहीं आता 

किससे करूं ये बातें सारी 

कुछ भी समझ नहीं आता

आने वाले कल के साथ 

बीती बातों पर गौर हो रहा है

पहले बातों में भी शांति थी पर 

अब बातों में भी शोर हो रहा है


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy