गज़ल तूं लिखा जा
गज़ल तूं लिखा जा
तेरी गज़ल लिखना चाहता हूं मै,
तूं अल्फाज़ बनकर पास आजा,
तेरे कोरे कागज़ जैसे दिल पर,
मेरे हाथसे गज़ल तूं लिखा जा।
नज़र से नज़र मिलाकर मुजसे,
मेरी तस्वीर तेरे नैनोमें बसा जा,
तेरी पलकों के इशारे कर के,
मेरे हाथसे गज़ल तूं लिखा जा।
मौसम मस्त सुहाना बना है,
तूं शराबी शबनम बनकर आजा,
सोलाह शिंगारमें सामने बैठकर,
मेरे हाथसे गज़ल तूं लिखा जा।
मै एक बदनाम शायर हूं सनम,
मेरी कलम की श्याही तूं बन जा,
मेरे प्यारे दिल में बसकर "मुरली",
मेरे हाथसे गज़ल तूं लिखा जा।

