V. Aaradhyaa
Classics Fantasy Inspirational
कभी धूप को गले लगाती
कभी तिमिर में सकुचाती है,
यूँ टुकड़ों में बँटकर ही
ज़िन्दगी गुज़र जाती है।
अनंत उजास
गणेशाय नम :
गणेशाय
तीज
ज़िन्दगी
सूर्योदय
विरह भरी राते...
मर्यादा के प्...
महिमा अपार
अक्रूर जी कहें कि आप कारण हैं प्रकृति आदि समस्त कारणों के । अक्रूर जी कहें कि आप कारण हैं प्रकृति आदि समस्त कारणों के ।
श्री शुकदेव जी कहते हैं परीक्षित भगवान ने तब संकल्प कर लिया। श्री शुकदेव जी कहते हैं परीक्षित भगवान ने तब संकल्प कर लिया।
श्री शुकदेव जी कहते हैं परीक्षित भगवान कृष्ण बैठे हुए थे। श्री शुकदेव जी कहते हैं परीक्षित भगवान कृष्ण बैठे हुए थे।
फास्ट फूड मत खाना भाई स्वास्थ्य बिगड़ ही जायेगा पीज्जा बर्गर छोड़ के जो भी तैलीय चीज ठुकरायेगा फास्ट फूड मत खाना भाई स्वास्थ्य बिगड़ ही जायेगा पीज्जा बर्गर छोड़ के जो भी तैलीय...
श्री कृष्ण का चिंतन करती रहें वाणी से लीलाओं का गान करें। श्री कृष्ण का चिंतन करती रहें वाणी से लीलाओं का गान करें।
काँप रही थी पृथ्वी, स्वर्ग भी था भयभीत। महिषासुर ने लिया, तीनों लोकों को जीत। काँप रही थी पृथ्वी, स्वर्ग भी था भयभीत। महिषासुर ने लिया, तीनों लोकों को जीत।
बचपन के वो भूले हुवे किस्से आज याद करते है।<br>इश्क़ में शामिल थी, वो हवाएं बहुत शोर करती है<br>पता ... बचपन के वो भूले हुवे किस्से आज याद करते है।<br>इश्क़ में शामिल थी, वो हवाएं बहुत...
वही द्रोण नन्द हुए और धरा जन्मीं यशोदा के रूप में। वही द्रोण नन्द हुए और धरा जन्मीं यशोदा के रूप में।
अगर किये हुए वादे निभा सको, मेरे बिखरे हुए ख्वाब को सिमट सको, तब ही आना। साथ ज़िंद... अगर किये हुए वादे निभा सको, मेरे बिखरे हुए ख्वाब को सिमट सको, तब ही ...
याद बहुत आती है,<br>ओस की बूंदों से महकते आंगन की,<br>रेतीली भूमि से उठती सुबह की <br>वो भीनी -... याद बहुत आती है,<br>ओस की बूंदों से महकते आंगन की,<br>रेतीली भूमि से उठती सुबह क...
प्रेम ही ईश्वर प्रेम ही पूजा, प्रेम में श्री भगवान दिखे हैं प्रेम के प्रेरण से प्रेरित... प्रेम ही ईश्वर प्रेम ही पूजा, प्रेम में श्री भगवान दिखे हैं प्रेम के ...
भगवान कृष्ण ने कहा, उद्धव जो कुछ कहा तुमने मुझसे मैं वही करना चाहता हूँ। भगवान कृष्ण ने कहा, उद्धव जो कुछ कहा तुमने मुझसे मैं वही करना चाहता हूँ।
कुरुक्षेत्र में दिव्यदृष्टि से, झाँक-झाँक तत्काल । कुरुक्षेत्र में दिव्यदृष्टि से, झाँक-झाँक तत्काल ।
परीक्षित, भगवान की आज्ञा मानकर अक्रूर हस्तिनापुर चले गए। परीक्षित, भगवान की आज्ञा मानकर अक्रूर हस्तिनापुर चले गए।
जरासन्ध की सेना ने वहाँ वाणों की वर्षा कर दी थी. जरासन्ध की सेना ने वहाँ वाणों की वर्षा कर दी थी.
कभी सुना है प्यार में कोई हार जीत होती है दिल जरूर किसी पर हार जाता है। अपने रवैया से हम किसी के दिल... कभी सुना है प्यार में कोई हार जीत होती है दिल जरूर किसी पर हार जाता है। अपने रवै...
जिंदगी कितनी अजीब है जब हम किसी पे बरोसा नही करते तोह वोह इंसान पूरी कोशिश करता है की वोह हम पर बरोस... जिंदगी कितनी अजीब है जब हम किसी पे बरोसा नही करते तोह वोह इंसान पूरी कोशिश करता ...
आज युद्ध की आहूती में बारी मेघनाद की आई थी मारूँगा या मर जाऊँगा सौगंध पिता की खाई थी आज युद्ध की आहूती में बारी मेघनाद की आई थी मारूँगा या मर जाऊँगा सौगंध पिता क...
किया हर युग में, कितना अपमानित, कितने दुर्बल हो, हुआ यह प्रमाणित। किया हर युग में, कितना अपमानित, कितने दुर्बल हो, हुआ यह प्रमाणित।
"बे मौसम बरसात" ------------------------ ये चारो और अँधेरा छाया हुआ है "बे मौसम बरसात" ------------------------ ये चारो और अँधेरा छाया हुआ है