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Monika Sharma "mann"

Classics

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Monika Sharma "mann"

Classics

हरियाली फैलाएँ

हरियाली फैलाएँ

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सबका हृदय खिल जाए

जब उपवन में बहार आए


रंग बिरंगी दुनिया में फूल ही फूल

खिल जाए नई उमंग से नई तरंग से


प्रकृति को हृदय लगाएंँ 

बहुत कर चुके नाश इसका अब

हरियाली चारो तरफ फैलाएंँ।


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