STORYMIRROR

Monika Sharma "mann"

Abstract

2  

Monika Sharma "mann"

Abstract

हमारा आधार

हमारा आधार

1 min
158

इंद्रधनुष की चुनर ओढ़ मैं तो खिल जाऊंगी

प्रकृति की हरियाली में मैं तो समा जाऊंँगी 

कितना सुंदर यह संसार है 

यह धरा हमारा आधार है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract