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Monika Sharma "mann"

Abstract

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Monika Sharma "mann"

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हमारा आधार

हमारा आधार

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इंद्रधनुष की चुनर ओढ़ मैं तो खिल जाऊंगी

प्रकृति की हरियाली में मैं तो समा जाऊंँगी 

कितना सुंदर यह संसार है 

यह धरा हमारा आधार है।


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