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Monika Sharma "mann"

Abstract

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Monika Sharma "mann"

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पर्यावरण का दुश्मन

पर्यावरण का दुश्मन

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यह मिट्टी मेरे गांँव की शहर में

सोने नहीं देती बहुत सताती याद इसकी


शहर में जीने नहीं देती

वह गायों के गले की घंटी


मुझे अब चैन से रहने नहीं देती

यह शहर की चकाचौंध मुझे जीने नहीं देती 


हरा भरा गांँव था मेरा शहर बर्बादी का सफर

शहर में ना आना यह पर यह पर्यावरण का है दुश्मन।


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