Monika Sharma "mann"
Romance
आज पुरानी किताबें देखने लगी
लगा जैसे सांसें थमने सी लगी
कुछ मिला था उनकी गहराई में
छिपा हो कोई रात की परछाई में
देखा उसे तो अपनी पहचान याद आई
कौन हूँ मैं उसकी यह न जान कभी पाई
दर्द
मस्तिष्क में ...
सम्मान करें
पर्यावरण का द...
इंसान की माया
हरियाली फैलाए...
प्रकृति का श्...
हमारा आधार
पर्यावरण महान
प्रकृति के आध...
तेरी नजर में स्थिरता नहीं है, कैसे नजर मुझसे मिलायेगा तू? तेरी नजर में स्थिरता नहीं है, कैसे नजर मुझसे मिलायेगा तू?
हां मैं आज भी उस एक शख्स पर मरता हूं। हां मैं आज भी उस एक शख्स पर मरता हूं।
हम तेरे लिए ,न जाने ,कितने ख़्वाब सजाये बैठे हैं ? हम तेरे लिए ,न जाने ,कितने ख़्वाब सजाये बैठे हैं ?
एक लड़की मेरे इतने करीब आकर चली गयी, जैसे कि मुझको मुझसे ही चुराकर चली गयी। एक लड़की मेरे इतने करीब आकर चली गयी, जैसे कि मुझको मुझसे ही चुराकर चली गयी।
करनी हैं मुझे बातें कई तुमसे रूबरू करनी हैं मुझे बातें कई तुमसे रूबरू
कभी तेरे सांसों को महसूस करते हुए कभी बिना जताते हुए कितना प्यार करते है कभी तेरे सांसों को महसूस करते हुए कभी बिना जताते हुए कितना प्यार करते है
कोई मनाता हो लोहिडी बस.. तुम बिन ऐसी ही है ज़िंदगी..! कोई मनाता हो लोहिडी बस.. तुम बिन ऐसी ही है ज़िंदगी..!
वो सीप मे सजी मोती सी थी, वो संध्या की रतनार चुनर सी थी, वो सीप मे सजी मोती सी थी, वो संध्या की रतनार चुनर सी थी,
मेरा महबूब जैसा चाहा था वैसा ही पाया ! मेरा महबूब जैसा चाहा था वैसा ही पाया !
तेरी सुंदरता का हूं पुजारी, यूं हरदम सताया ना करो। तेरी सुंदरता का हूं पुजारी, यूं हरदम सताया ना करो।
उसके बाजूओं में खुद को देखने की तमन्ना लिए बैठें हैं। उसके बाजूओं में खुद को देखने की तमन्ना लिए बैठें हैं।
तेरे साथ रूहदारी थी अभी भी तू कहीं जेहन में है। तेरे साथ रूहदारी थी अभी भी तू कहीं जेहन में है।
सच जरा सा हमने सुनाया तो बुरा मान लिया, हक अपना आजमाया तो बुरा मान लिया। सच जरा सा हमने सुनाया तो बुरा मान लिया, हक अपना आजमाया तो बुरा मान लिया।
तुमसे प्यार ही इतना है कि तुम से दूर रहना आसान नहीं तुमसे प्यार ही इतना है कि तुम से दूर रहना आसान नहीं
वक्त ही तो गुजारना था ना तुम्हें और कमबख्त मैं पागल, झल्ली तुम पर यकीं कर बैठी वक्त ही तो गुजारना था ना तुम्हें और कमबख्त मैं पागल, झल्ली तुम पर यकीं ...
सफर यही सर्द का हवाओं का मौसम जिक्र हो तुम्हारा बस तुम्हें ही अपनाना। सफर यही सर्द का हवाओं का मौसम जिक्र हो तुम्हारा बस तुम्हें ही अपनाना।
आज तुम्हारे इंतज़ार में ठिठुरता हुआ गरीब बेचारा हूँ में। आज तुम्हारे इंतज़ार में ठिठुरता हुआ गरीब बेचारा हूँ में।
बंधे हो ऐकदूसरेसे जैसे, मै पतंग तेरी तुूमांजा है.... बंधे हो ऐकदूसरेसे जैसे, मै पतंग तेरी तुूमांजा है....
मेरी शांत जिंदगी मे, तूफ़ाँ बन गई उसकी नज़र। मेरी शांत जिंदगी मे, तूफ़ाँ बन गई उसकी नज़र।
सच है, चलो चाँद के पार चलो, साथी हम है तैयार चलो.... सच है, चलो चाँद के पार चलो, साथी हम है तैयार चलो....