Monika Sharma "mann"
Classics
पंच तत्वों से बना है यह जीवन वायु,
जल, अग्नि, पृथ्वी, आकाश
महान प्रकृति है महान पर्यावरण की शान
इनको धूमिल, दूषित क्यों करता है
मानव लेता इनसे सब कुछ
है फिर भी कृतघ्न है मानव।
दर्द
मस्तिष्क में ...
सम्मान करें
पर्यावरण का द...
इंसान की माया
हरियाली फैलाए...
प्रकृति का श्...
हमारा आधार
पर्यावरण महान
प्रकृति के आध...
उपकार तले हो भले दबे, पर मार्ग धर्म का ही अपनाना " उपकार तले हो भले दबे, पर मार्ग धर्म का ही अपनाना "
मेरे लिए तो माँ हर दिन ही तुम्हारा दिन हो जाता है, किस दिन कह दू माँ की ये सिर्फ तुम्ह मेरे लिए तो माँ हर दिन ही तुम्हारा दिन हो जाता है, किस दिन कह दू माँ की ये सि...
भारत को जब आगे बढ़ना होगा वह अकेला नहीं आगे बढ़ेगा दूसरे देशों को भी लेकर साथ आगे बढ़ने की सोच है... भारत को जब आगे बढ़ना होगा वह अकेला नहीं आगे बढ़ेगा दूसरे देशों को भी लेकर साथ ...
सदियों से मंदिर में मूरत सा सजाकर पूजती रही जिसे क्यूँ वो ही मुझको पत्थर समझता रहा.. स्त्री साथी को... सदियों से मंदिर में मूरत सा सजाकर पूजती रही जिसे क्यूँ वो ही मुझको पत्थर समझता र...
एक ऐसी जगह जहाँ बार बार घूमने जाने को मन करता पसंदीदा जगह, नानी का घर हिमाचल का छोटा सा गाँव सु... एक ऐसी जगह जहाँ बार बार घूमने जाने को मन करता पसंदीदा जगह, नानी का घर हिमाच...
याद तो नहीं हमको वो पहला दिन जब हम स्कूल में दाखिल हुए, सुनी है हमने बस वो कहानियां अपनी माँ की ज... याद तो नहीं हमको वो पहला दिन जब हम स्कूल में दाखिल हुए, सुनी है हमने बस वो कहा...
यक्षिणी हो या परी हो तुम सत्य या जादूगरी हो तुम। सृष्टि -शिल्पी रच तुम्हें विस्मित यक्षिणी हो या परी हो तुम सत्य या जादूगरी हो तुम। सृष्टि -शिल्पी रच तुम...
दसरथ घर बाजे बधाई, कौशल्या कैकेई सुमित्रा वातशल्य में निहाल, जनम लियो अयोध्या में युग दसरथ घर बाजे बधाई, कौशल्या कैकेई सुमित्रा वातशल्य में निहाल, जनम लियो अयोध्या...
माताओं के और पिता के चरण छुए और गले मिले, राम लक्ष्मण और जानकी सुमंत्र के संग, वन को माताओं के और पिता के चरण छुए और गले मिले, राम लक्ष्मण और जानकी सुमंत्र ...
बहु को बेटी बनाने के लिए खुद को माँ बनाना जरूरी... बेटे के लिए ज्यादा कुछ नहीं बदलता प्यार व लाड क... बहु को बेटी बनाने के लिए खुद को माँ बनाना जरूरी... बेटे के लिए ज्यादा कुछ नहीं ...
मेरे अपने कई अब तस्वीर बन गए है पर मेरे दिल के करीब है जब भी देखती हूँ इस तस्वीर को बचपन में लौट... मेरे अपने कई अब तस्वीर बन गए है पर मेरे दिल के करीब है जब भी देखती हूँ इस तस्व...
आने वाली नस्लों के लिए मिसाल करें, शायद, कोई हम पर भी नाज़ करें, ज़माने को नहीं, खुद को बदल कर देख... आने वाली नस्लों के लिए मिसाल करें, शायद, कोई हम पर भी नाज़ करें, ज़माने को नही...
क्यों दोगले नियम लागू करता है क्यों दोगले नियम लागू करता है
यह कविता मन की शांति की तलाश में भटकते मनुष्य की मनोदशा को दर्शाती है। बाहर भटकने से कभी मन की शां... यह कविता मन की शांति की तलाश में भटकते मनुष्य की मनोदशा को दर्शाती है। बाहर भट...
वो दिन भी क्या दिन थे बस फिक्र नहीं थी आने वाले कल की। वो दिन भी क्या दिन थे बस फिक्र नहीं थी आने वाले कल की।
एक दिन कहा जिंदगी ने मुझसे 'क्यों तू मुझसे शिकायत नहीं करता? क्यों तू छोटी उपलब्धियों में खुर्रम ह... एक दिन कहा जिंदगी ने मुझसे 'क्यों तू मुझसे शिकायत नहीं करता? क्यों तू छोटी उपल...
हर मुश्किल में हिम्मत बनकर साया रहता जिसका था वह दोस्त भी अब अपना ना रहा शायद नसीब ही हमसे रूठ गय... हर मुश्किल में हिम्मत बनकर साया रहता जिसका था वह दोस्त भी अब अपना ना रहा शायद...
सिलवटों से भरी चादर पे निढाल सी तू पडी है आंखों में तेरी बुखार में तपने का अपराधबोध साफ़ नजर आता है ... सिलवटों से भरी चादर पे निढाल सी तू पडी है आंखों में तेरी बुखार में तपने का अपराध...
तभी कानों में आवाज़ यह आई अभी कितना समय लगेगा, कानों को यह शब्द शूल की तरह भेद रहे थे, क्या करूँ म... तभी कानों में आवाज़ यह आई अभी कितना समय लगेगा, कानों को यह शब्द शूल की तरह भेद ...
रोज़ सुबह मैं समाचारो में ऐसी खबरें पाती हूँ मैं बेटी हो कर भी इस जग में बेटी बचाओ रोज़ सुबह मैं समाचारो में ऐसी खबरें पाती हूँ मैं बेटी हो कर भी इस जग में ...