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Sujata Kale

Abstract

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Sujata Kale

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नीलमोहर

नीलमोहर

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नील गगन से

यह नीलमोहर

जाने क्या क्या

बात करें।


आसमान को

अपना रंग देकर

फिर आकर

धरती से मिले।


शाखाओं पर

आसमान ही

लेकर अपने

साथ चले।


फिर क्यों धूल में

नीलाभ बनकर

धरती पर आँचल

ओढ़ चले।


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