Sujata Kale
Abstract
लाल साफा बाँधा है,
या पूर्व दिशा ही पहनी है!
सूरज की अटारी
पर रहते हो,
या सूरज ही
तुम पर बसता है।
डाल डाल की लालिमा
पात पात को
छुपाती है।
गुलमोहर तू यह तो
बता सिन्दूरी बन
क्यों बसते हो।
देख तेरे शहर ...
नायाब पत्थर ...
तुममें और चाँ...
नीलमोहर
अमलतास
गुलमोहर
सुन ऐ जिंदगी ...
तुम न आना भूल...
अब के पतझड़ म...
इन्सान देखो क...
ऐसी अनवरत नियमबद्ध को हमने आप से ही तो है पाया हम आपके ऋणी हैँ ऐसी अनवरत नियमबद्ध को हमने आप से ही तो है पाया हम आपके ऋणी हैँ
सिर्फ ये चाह बची है कि अब कोई चाह न हो। सिर्फ ये चाह बची है कि अब कोई चाह न हो।
ये दौर तो मेरी समझ से परे है इंसानियत दिखाना ज़रा आहिस्ता आहिस्ता। ये दौर तो मेरी समझ से परे है इंसानियत दिखाना ज़रा आहिस्ता आहिस्ता।
ज़िंदगी कोई खेल नहीं, ये याद रख मत बैठ। ज़िंदगी कोई खेल नहीं, ये याद रख मत बैठ।
मैं अपनी पहचान ढूँढतें- ढूँढतें, अंत में उस अलोक को, पा जाता हूँ। मैं अपनी पहचान ढूँढतें- ढूँढतें, अंत में उस अलोक को, पा जाता हूँ।
शांति एक अवस्था है जो सिर्फ़ अपने भीतर ही मौजूद है। शांति एक अवस्था है जो सिर्फ़ अपने भीतर ही मौजूद है।
बस दुश्मन पर अड़ी है देश मेरा देश तेरा देश की माटी बड़ी है। बस दुश्मन पर अड़ी है देश मेरा देश तेरा देश की माटी बड़ी है।
मानव को सौंपा भार इसके संरक्षण की मानव को सौंपा भार इसके संरक्षण की
ऊपरवाले से कातर गुहार लगाई। अनसुना कर दिया ज़माने के बधिरों ने,सृजनहार ने भी। ऊपरवाले से कातर गुहार लगाई। अनसुना कर दिया ज़माने के बधिरों ने,सृजनहार ने भी।
हर लम्हों में जीवन भर लो जीवन को मन भर के जी लो। हर लम्हों में जीवन भर लो जीवन को मन भर के जी लो।
कितने मतलबपरस्त हो तुम भी अजय कितने मतलबपरस्त हो तुम भी अजय
सच है ये जिंदगी खेल नहीं जिसका किसी से कोई मेल नहीं। सच है ये जिंदगी खेल नहीं जिसका किसी से कोई मेल नहीं।
जहां अहसासों का बसेरा है जो घर तेरा है ! जहां अहसासों का बसेरा है जो घर तेरा है !
महसूस तो वो हमसे भी ज्यादा कर जाते हैं। लगता है कभी-कभी की परवाह नहीं करते, महसूस तो वो हमसे भी ज्यादा कर जाते हैं। लगता है कभी-कभी की परवाह नहीं करते,
कभी धूप कभी छांव लगे ये जिंदगी खेल नहीं ये जिंदगी। कभी धूप कभी छांव लगे ये जिंदगी खेल नहीं ये जिंदगी।
उम्मीद का दामन थामोगे मिलेगा जीत का उपहार। उम्मीद का दामन थामोगे मिलेगा जीत का उपहार।
पर सीखना सिखाना ये क्रम खत्म नहीं होता। पर सीखना सिखाना ये क्रम खत्म नहीं होता।
मन को पूर्ण विराम मिलेगा सदा विजयी वही कहलायेगा। मन को पूर्ण विराम मिलेगा सदा विजयी वही कहलायेगा।
जहाँ मिलता आत्मज्ञान का उजाला है। जहाँ मिलता आत्मज्ञान का उजाला है।
जियो इस तरह की तुम पर नाज करे ये जिन्दगी। जियो इस तरह की तुम पर नाज करे ये जिन्दगी।