STORYMIRROR

Veena rani Sayal

Abstract

3  

Veena rani Sayal

Abstract

शायरी

शायरी

1 min
186

जज्बात की किताब के 

हर पन्ने पे तेरा नाम लिखा

तन्हाई के मंजर को लफ्जों में बयान किया

गमगीन सहर और रातों में  

दिल हंसता भी रहा रोता भी रहा

कुछ पन्ने खाली छोड़ दिए

लफ्जों ने जब दम तोड़ दिया

कुछ कह न सका कुछ लिख न सका

जब खालीपन का एहसास हुआ

ख्वाबों का है फलसफा

मोहब्बत का इसे नाम दिया

खूने जिगर की स्याही से

चंद लफ्जों में पैगाम दिया



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Veena rani Sayal

Similar hindi poem from Abstract