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Dinesh Dubey

Abstract

3  

Dinesh Dubey

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कड़ी तपस्या

कड़ी तपस्या

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हर पल हर क्षण करनी पड़ती,

कड़ी तपस्य हर इंसान को,

बिन तपस्या रोजी नही मिलती,

बिन तपस्या रोटी नहीं मिलती,।


कड़ी तपस्या कर कर इंसान,

बनता है पारस के समान,

जीवन भर चलती है तपस्या,

जीवन में रहती बहुत समस्या।


कड़ी तपस्या के दम पर ही,

हम अपना जीवन संवारते हैं,

बिरले ही है इस दुनिया में,

जिन्हें बिन तपस्या सब मिलता है।।



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