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Sujata Kale

Abstract

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Sujata Kale

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तुममें और चाँद में क्या अलगता

तुममें और चाँद में क्या अलगता

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छुप जाते हो तुम

जब जरूरत होती है,

बताओ, तुममें और चाँद में

क्या अलगता है?


कभी पूनम बनकर आते हो,

कभी अमावस बन जाते हो।

बताओ, तुममें और चाँद में

क्या अलगता है?


घटते चाँद की तरह

तुम भी घट जाते हो।

जब जी चाहा

तब तुम भी आगे चल

बढ़ते हो।

बताओ, तुममें और चाँद में

क्या अलगता है?


आँखों से बारिश होती है

तुम बादल ही बन जाते हो।

तपिश मन में उबलती हो

तुम भाप बन उड़ जाते हो।

बताओ, तुममें और चाँद में

क्या अलगता है?




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