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Madhavi Solanki

Romance Children

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Madhavi Solanki

Romance Children

एक नन्हीं सी परी

एक नन्हीं सी परी

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एक नन्हीं सी जान हे वो, 

गुलाबी फ्रॉक में वो परियों की रानी लग रहीं हे ..

आँखों में काजल लगाएं,

सिर पर काला टीका मासाल्लाह बहुत ही

खूबसूरत लग रहीं है


हाथों में काले सफेद माला से रक्षित,

मेरी परी को किसी की नज़र ना लगे,

ऐसी मनमोहक लग रहीं हे वो।


है तो वो अभी बहोत छोटी, नहीं जानती

वो आज़ादी ओर देश प्रेम फिर भी हाथ में

तिरंगा लिऐ वो देश को सलामी दे के

अपने देश को सम्मान दे रहीं हे,

75 independence day का जष्न वो बखूबी मना रही है।


आज तो पूरा देश जष्न मना रहा हे आज़ादी का,

सबके चेहरे पर मुस्कान हे पर मेरी परी के चेहरे पर

एक अलग सा ही मधुर हास्य है,

एक अलग ही चमक हे जो सबका मन मोह रही है


मेरी नन्हीं सी परी आज बहोत ही सुंदर

और आकर्षक लग रही हे, ऐसा लग रहा है

ईश्वर ने वक्त ले कर एक छोटी सी गुड़ियां बनाई हे,

 जो आज बहुत सारे लोगों के जीवन में खुशियां लाई है,

और बखूबी अपने मासूम सी हँसी से वो

लाखों दिलों में अपनी जगह बना पाई है


आज मेरी नन्हीं सी जान, तिरंगे के साथ

भारतमाता की प्यारी सी गुड़िया लग रही है, 

मेरी नन्हीं सी जान, तो परियों की रानी लग रही है।


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