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Vipin Kumar 'Prakrat'

Fantasy Others

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Vipin Kumar 'Prakrat'

Fantasy Others

जिंदगी का पहला अनुभव

जिंदगी का पहला अनुभव

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माना कि मैं भी परेशान हूँ,

मैं तो खुदी से भी हैरान हूँ।

ज्वारों का अंदर समंदर बसा है,

छोड़ा है फिर भी धागा कसा है ।।१


मेरे लिए न कोई अपना पराया,

जो भी मिला मैंने रिश्ता बनाया।

वैसे मुझे चीजें कम ही हैं भाती,

जाती न जल्दी जो भी हैं आती ।।२ 


वैसे तो मैं थोड़ा कम बोलता हूँ,

राज़ को अपने नहीं खोलता हूँ ।

दफ़न हैं हजारों अनकही कहानी,

अलग है कठिन हैं ये जिंदगानी ।।३ 


मेरे भी किस्से कहानी अनोखे,

मेरे भी जीवन में आये हैं झोखे ।

जले हैं अगन से तो तपना है सीखा,

हुए हैं परेशां तो चलना है सीखा ।।४ 


मैंने किसी को एक वादा किया है,

मिलने का उसको इरादा किया है ।

चाहत को अपनी समेटे हुए हूँ,

उसी का मैं दामन लपेटे हुए हूँ ।।५


पहली मुलाकात अच्छी न जाती,

न मैं सोच पता न वो सोच पाती।

ख्वावों में उसके डूबा हुआ हूँ,

यादों मैं उसकी खोया हुआ हूँ ।।६ 

माना कि मैं भी परेशान हूँ,

मैं तो खुदी से भी हैरान हूँ।।



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