STORYMIRROR

संदीप सिंधवाल

Romance

4  

संदीप सिंधवाल

Romance

एक चुम्बन तुम्हारा हो

एक चुम्बन तुम्हारा हो

1 min
373


छलके जब अशक निराशा में तो एक चुम्बन तुम्हारा हो 

हर एक हार की दिलासा में तो एक चुम्बन तुम्हारा हो।


यूं तो एक दूजे के ही दिल में समाए हैं हम दोनों भी

हर एक मिलन की जिज्ञासा में एक चुम्बन तुम्हारा हो। 


बहुत कुछ कहा जा सकता है चेहरे के भावों से भी

भाव और प्यार की भाषा में एक चुम्बन तुम्हारा हो। 


अदब सी लालसा बढ़ जाती है जीने की हर रोज ही

जीने की हर एक लालसा में एक चुंबन तुम्हारा हो।


एक आशा से कायम है सांसो का चलना 'सिंधवाल'

तुमसे ही मिली उसी आशा में एक चुंबन तुम्हारा हो। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance