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संदीप सिंधवाल

Romance

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संदीप सिंधवाल

Romance

एक चुम्बन तुम्हारा हो

एक चुम्बन तुम्हारा हो

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छलके जब अशक निराशा में तो एक चुम्बन तुम्हारा हो 

हर एक हार की दिलासा में तो एक चुम्बन तुम्हारा हो।


यूं तो एक दूजे के ही दिल में समाए हैं हम दोनों भी

हर एक मिलन की जिज्ञासा में एक चुम्बन तुम्हारा हो। 


बहुत कुछ कहा जा सकता है चेहरे के भावों से भी

भाव और प्यार की भाषा में एक चुम्बन तुम्हारा हो। 


अदब सी लालसा बढ़ जाती है जीने की हर रोज ही

जीने की हर एक लालसा में एक चुंबन तुम्हारा हो।


एक आशा से कायम है सांसो का चलना 'सिंधवाल'

तुमसे ही मिली उसी आशा में एक चुंबन तुम्हारा हो। 


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