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shekhar kharadi

Action Crime Inspirational

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shekhar kharadi

Action Crime Inspirational

दुर्दशा

दुर्दशा

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दूर दूर तक 

शौक़ से देखो

दुनिया की दुर्दशा

स्वार्थी लोगों के रवैये से


सृष्टि का कौना कौना उजाड़ दिया

बेज़ुबान जानवरों का हक़ छीन लिया


कहा ढूढ़ें स्नेह-करुणा-संवेदना का झरना

यहां मानुष का हृदय हुआ इतना पाषाण।


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