STORYMIRROR

shekhar kharadi

Action Classics Crime Others

3  

shekhar kharadi

Action Classics Crime Others

माप-तोल

माप-तोल

1 min
17

वक्त ने मारा ,
भाग्य ने ठुकराया 
मेहनत ने संवारा ,
लालच ने डूबोया 
जिंदगी का यह खेल
बड़ा ऊट-पटांग है 
कोई बेवजह
जीत जाता हैं ,
कोई वजह से
हार जाता हैं |

जिंदगी का माप-तोल 
कितना निराला है 
किसीको ज्यादा मिलता ,
किसीको कम मिलता 
कोई खुश होता 
कोई दु:खी होता ,
कोई शिकायत करता 
न्याय, अन्याय की परिभाष में |

यह सही, गलत का भेद 
झूठ को सही कर देता
और सही को गलत बता देता 
यही व्यापार से चलता 
रिश्तों का लेनदेन बाज़ार 
कभी मुनाफा, कभी घाटा 
इस आय और व्यय में 
सामान्य इंसान रोज पीसता रहा |








 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action