Jonty Dubey
Drama
गंगा सी पवित्र है दोस्ती,
हिमालय सी अडिग है दोस्ती,
समुन्द्र सी चंचल है दोस्ती,
सुर्य सी तेज है दोस्ती,
चंद्रमा सी निर्मल है दोस्ती,
ज्ञान सी अखंड है दोस्ती,
परमात्मा का स्वरुप है दोस्ती।
वो शुक्रिया ज...
ग़फ़लत
इंतज़ार
मन पंछी
ख़ामोशी
तू नहीं जानती
कश्मकश
कशमकश
वो लड़की
धूप से रचेगा मंच धूप से रचेगा मंच
लगा रहा था मरहम रिसते घावों पर आज पीड़ा कुछ कम थी। लगा रहा था मरहम रिसते घावों पर आज पीड़ा कुछ कम थी।
मत तड़पा अब मुझे ओ मेरी स्वप्न सुंदरी। मत तड़पा अब मुझे ओ मेरी स्वप्न सुंदरी।
तब तुम्हें मालूम चलेगा कि वे थे, तब तुम थे वो नहीं होते तो तुम भी नहीं होते। तब तुम्हें मालूम चलेगा कि वे थे, तब तुम थे वो नहीं होते तो तुम भी नहीं होते।
प्रेमी की प्रेमिका छाेड के चली गयी है... तब उसके मन की अवस्था कैसी हाेगी... कभी साेचा है किसीने... ह... प्रेमी की प्रेमिका छाेड के चली गयी है... तब उसके मन की अवस्था कैसी हाेगी... कभी ...
हम हारे 'चौकीदार' की 'लहरों' में, तुम भी हुई उसमें फेल प्रिये... हम हारे 'चौकीदार' की 'लहरों' में, तुम भी हुई उसमें फेल प्रिये...
क्योंकि मैं तेरी माँ हूँ, आखिर मैंने ही तो संवारा है तुझे। क्योंकि मैं तेरी माँ हूँ, आखिर मैंने ही तो संवारा है तुझे।
छोरों ना यार क्या रखा है कविता सुनाने में। छोरों ना यार क्या रखा है कविता सुनाने में।
जानते हो....जब से तुमसे..मिली हूँ.. तब से लेकर इस पल तक की.. जानते हो....जब से तुमसे..मिली हूँ.. तब से लेकर इस पल तक की..
सब शांत, सब मौन और एकांत खोजता जीवन। सब शांत, सब मौन और एकांत खोजता जीवन।
देखते रहना किसी पर्वत के उतंग शिखर से किंकर्तव्यविमूढ़। देखते रहना किसी पर्वत के उतंग शिखर से किंकर्तव्यविमूढ़।
योनि और पुरुष योनि और पुरुष
तुम्हारा स्नेह ही तो मेरी संजीवनी माँ तुम हो तभी मैं हूँ। तुम्हारा स्नेह ही तो मेरी संजीवनी माँ तुम हो तभी मैं हूँ।
उनकी चहचहाहट से गूंजा करता था जो घर सूना उसे जैसे कर जाती बेटियां...। उनकी चहचहाहट से गूंजा करता था जो घर सूना उसे जैसे कर जाती बेटियां...।
तोड़ तटबंध यादों का तूफान उमड़ा चांद मेरा बड़ा बैरी निकला। तोड़ तटबंध यादों का तूफान उमड़ा चांद मेरा बड़ा बैरी निकला।
तू जो है साथ तो ये सांसें चल रहीं हैं, तू ना होगा तो ये सांसें थम जाएंगी... तू जो है साथ तो ये सांसें चल रहीं हैं, तू ना होगा तो ये सांसें थम जाएंगी...
शांत वातावरण, बारिश की आवाज़; आहिस्ता चलती ठंडी हवा और सिर्फ तुम, पन्ने और कलम... शांत वातावरण, बारिश की आवाज़; आहिस्ता चलती ठंडी हवा और सिर्फ तुम, पन्ने और कलम.....
मौत मेरी यूँ ज़ाया न जाए, ऐसी हसरत रखता हूँ, दफ़न कर दो मेरे साथ दिलों की इन रंजिशों को, खा... मौत मेरी यूँ ज़ाया न जाए, ऐसी हसरत रखता हूँ, दफ़न कर दो मेरे साथ दिलों की ...
ये माता की नहीं पिता की बेटियाँ होती हैं। ये माता की नहीं पिता की बेटियाँ होती हैं।
वह सदी बदल देती या स्वयं बदल जाती या जीते जी मर जाती। वह सदी बदल देती या स्वयं बदल जाती या जीते जी मर जाती।