STORYMIRROR

Vinay Panda

Tragedy

2  

Vinay Panda

Tragedy

दिवानगी

दिवानगी

1 min
202

हमें जरूरत थी जब उसकी

फुरसत में वह नही थी

आज जब लिखने बैठता हूँ

क्यूं परेशान करती है हमें दिवानगी उसकी..!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy