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Vinay Panda

Abstract

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Vinay Panda

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राखी

राखी

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कोरोना की राखी

कलाई पर सजे कैसे

बहन राह ताकी.. ऐ कोरोना की राखी !


दिल मे डर , भय सामने है खड़ा

एक तरफ राखी , एक तरफ राख है !

निभे कैसे , अरमान है बाकी..

ऐ कोरोना की राखी !


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