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Dr. Swati Rani

Abstract

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Dr. Swati Rani

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माँ से मदर का सफर

माँ से मदर का सफर

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आज के युवा वर्ग का बस इतना मातृ प्यार...

फेसबुक व्हाट्सअप पे प्यार की बौछार !


सोशल मीडिया की बस्ती मे मातृ दिवस पे फोटो डालो !

जवानी भर माँ मे कमिया ढूँढो और

बुढ़ापे मे वृधाश्रम छोड़ के संपति पा लो ! 


माँ तो कभी भी प्रेम का प्रदर्शन नही करती !

सच्चे प्यार को दिखावे की जरूरत नही पड़ती ! 


 माँ ही हमारी पहली मोहब्बत होती है!बिना माँ वालो

से पूछ के देखो बिना माँ के कोई ना जिंदगी होती है! 


उसने हमे तबसे प्यार किया जबसे देखा भी ना था,

क्योंकि उसके मन मे हमारे जैसा छलावा ना था!


बचपन में कहते थे मेरी माँ मेरी माँ,

जवानी में बोले तेरी माँ तेरी माँ !

 

माँ बाप में भी बंटवारा कर दिया,

माँ का कर्ज बिन चुकाऐ छुटकारा कर लिया ! 


पहले थे माँ के सारे दिन,

अब बस साल के एक दिन से निपटारा कर लिया !


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