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Akanksha Gupta (Vedantika)

Romance


4.1  

Akanksha Gupta (Vedantika)

Romance


दिल को क़रार आया

दिल को क़रार आया

1 min 213 1 min 213

दिल को क़रार आया तेरे दीदार के बाद

ख़्वाब कुछ संभलने लगे बिखरने के बाद


भूल चुके थे बहाना हम अब मुस्कुराने का

आने लगी है हँसी तेरी अनसुनी बातों के बाद


बिखर चुकी थीं जो माला इश्क़ के मोतियों की

पिरो रही है उम्मीद नई तेरे ज़िंदगी में आने के बाद


मैं नहीं रहा इस ज़माने के काबिल एक अरसे से

हो रहा हूँ बदनाम फिर तेरे लौट जाने के बाद


कुछ ख़्वाहिश को जो दिया आसरा इस दिल में

चुभने लगा वजूद उनका तुमसें जुदाई के बाद।


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