STORYMIRROR

Tanha Shayar Hu Yash

Drama

5.0  

Tanha Shayar Hu Yash

Drama

डूब रहा है सूरज

डूब रहा है सूरज

1 min
554


डूब रहा है सूरज

होने लगी है छाँव

अभी-अभी देखा है मैंने

आँखों से ओझल होता गाँव।


कभी तपता रहता था धूप में

आज कल सफेद

रजाई में लिपटे हुए हैं पाँव।


डूब रहा है सूरज

होने लगी है छाँव।


फूलों की कोपलों ने सर छिपाया

पंछियों ने भी अपने

घरोंदों पर कि परों की छाँव।


नदियों के जल ने जैसे ली समाधि

तैरती कश्तियों ने भी

किनारों पर पसारे पाँव।


डूब रहा है सूरज

होने लगी है छाँव।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama