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Chirag Sanghvi

Drama Romance

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Chirag Sanghvi

Drama Romance

चलो जाने दिया

चलो जाने दिया

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तुम हज़ार गलतियां करो, कोई हर्ज़ नहीं,

मेरा ज़रा सा नाराज़ होना तुम्हें पसंद नहीं।

चलो जाने दिया।


तुम चीख़ो चिल्लाओ मुझपर तो हक़ है तुम्हारा,

मैं एक बार आवाज़ क्या ऊंची कर लूं,

तुम्हें पसंद नहीं।

चलो जाने दिया।


तुम उस शख़्स के इतने करीब हो,

जो मुझे कतई पसंद नहीं,

और फिर तुम कहती हो,

कि मुझे किसी से जलने की ज़रूरत नहीं।

चलो जाने दिया।


तुम अपने दोस्तों के साथ होती हो

तो बात तक नहीं करती,

मैं ज़रा 2 मिनट देर से रिप्लाई क्या कर दूंं,

तो तुम पूरे 2 दिन तक बात नहीं करती।

चलो जाने दिया।


तुम कुछ मांगो,

और मैं ला कर तुम्हारे कदमों में रख दूं,

इसके बदले में बस थोड़ा सा वक्त मांग लूं मैं तुमसे,

तो बस उसी वक्त तुम

सबसे ज़्यादा मसरूफ हो जाती हो।

चलो जाने दिया।


तुम कहती हो कि मैं सबसे अच्छा हूं,

और तुम्हारी हर गलती माफ़ कर देता हूं,

लेकिन अब तुम किसी और से प्यार करने लगी हो,

और उसके पास जाना चाहती हो।

चलो जाने दिया...।


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