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Anuja Manu

Abstract Drama

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Anuja Manu

Abstract Drama

सैनिक एवं मां

सैनिक एवं मां

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माँ तू नाराज न होना (सैनिक)

इस दिवाली पर भी मैं नहीं आ पाउंगा 

तेरी मिठाई भी मैं नहीं खा पाउंगा

दिवाली हैं तुझे खुश दिखना होगा 

शुभ लाभ तुझे खुद लिखना होगा 


तू जानती हैं यह पूरे देश का त्यौहार हैं 

और यह भी माँ कि तेरा बेटा

बॉर्डर का पहरेदार हैं 

मैं जानता हूँ 

पड़ोसी बच्चे पटाखे जलाते होगें 

तोरण से अपना घर सजाते होगें 

तू मुझे बेतहाशा याद करती होगी 


मेरे आने की फरियाद करती होगी 

मैं जहॉ रहूं मेरे साथ तेरा प्यार हैं 

तू जानती हैं न माँ तेरा बेटा

बॉर्डर का पहरेदार हैं 

भोली मॉ मैं जानता हूँ 

तुझे मिठाईयो में फर्क नहीं आता है

 

मोलभाव करने का तर्क नहीं आता हैं 

बाज़ार भी तुम्हें लेकर कौन जाता होगा 

पूजा में दरवाज़ा तकने कौन आता होगा 

तेरी सीख से हर घर मेरा परिवार हैं 

तू समझती हैं न माँ तेरा बेटा

बॉर्डर का पहरेदार हैं 


मैं समझता हूँ 

माँ बुआ दीदी के घर प्रसाद कौन छोड़गा 

अब कठोर नारियल घर में कौन तोड़ेगा 

तू फक्र कर माँ

कि लोगों की दिवाली अपनी अबकी होगी 

तेरे बेटे के डयुटी की दिवाली सबकी होगी 


लोगों की खुशी में खुशी मेरा व्यवहार हैं 

तू जानती हैं माँ तेरा बेटा बॉर्डर का पहरेदार है।


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