STORYMIRROR

Madhu Gupta "अपराजिता"

Classics Inspirational Children

4  

Madhu Gupta "अपराजिता"

Classics Inspirational Children

चेतक

चेतक

1 min
348

नाम सुना ही होगा सब ने 

वो राडा प्रताप का घोड़ा था 

जो हवा से बातें करता था 

और आसमान में उड़ता था...!!


वह अश्व बड़ा ही मतवाला

निर्भीकता उसकी चाबी थी

सरपट वो दौड़ लगाता था

देर न तनिक लगाता था....!!


राणा को वो अति प्यारा था

शत्रुओं के मैदानों में वो

बिजली सा घूमा करता था

वो चतुर बड़ा कौशल धारी था....!!


वो जिधर रण में मुड़ जाता था 

 राणा का भाला उधर फिर जाता था 

 धरती लहू से भर जाती थी 

लाशों का चट्टान लग जाती थी....!! 


वो राणा के संग लड़ते-लड़ते

 रण में वीरगति को प्राप्त हुआ

ना तोड़ हुआ उसका दूजा

चेतक था उसका नाम पड़ा

वो वीर बड़ा बलशाली था....!


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics