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Abhay Nath Thakur

Drama Inspirational

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Abhay Nath Thakur

Drama Inspirational

चाहत कुछ पाने की

चाहत कुछ पाने की

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चाहत कुछ पाने की थी,

नसीब में नहीं तो क्या हुआ,

बहुत कुछ देखा है इस जहां में,

तस्वीर में नहीं तो क्या हुआ।


मुझे खुद से शिकायत नहीं,

और ना ही किसी और से,

चाहत कुछ पाने की थी ,

नसीब में नहीं तो क्या हुआ।


सफल होने के,

बहुत सीढियाँ है,

पहली दफा असफल हुए,

तो क्या हुआ।


आगे बढ़ने की हिम्मत थी मुझमें,

पैरों में जूते नहीं तो क्या हुआ,

चाहत कुछ पाने की थी,

नसीब में नहीं तो क्या हुआ।


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