STORYMIRROR

Tanha Shayar Hu Yash

Drama Tragedy Inspirational

4  

Tanha Shayar Hu Yash

Drama Tragedy Inspirational

बुरे वक्त की चाल

बुरे वक्त की चाल

1 min
375

बुरे वक्त की चाल धीमी सही, 

हर वक्त निकल जाता है 

ये वक्त भी निकल जायेंगा।


माना के दुःखो की बरसात बहुत तेज, 

इस बारिश में हर शैतान निकल आयेगा, 


ना मेरा ये दौर कोई रोक पाया है 

ना मेरा वो दौर कोई रोक पायेगा।


नकाब गिर रहे है धीरे धीरे, 

सुबह चेहरा साफ नजर आयेगा।


इस प्रकृति के नियम को 

ना कोई बदल पाया ना कोई बदल पायेगा।


बुरे वक्त की चाल धीमी सही, 

हर वक्त निकल जाता है 

ये वक्त भी निकल जायेगा। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama