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Anuradha Shrivastava

Classics

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Anuradha Shrivastava

Classics

बिन तेरे सनम

बिन तेरे सनम

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साथ न रह पाये तो क्या

उम्र भर रहेगा इश्क

वहां तुझमें

यहां मुझमें


यूं ही इंतजार में अब

गुजरेगा ये वक्त

कुछ तेरा 

कुछ मेरा


सोचा ना था यूं बिछड़ जाएंगे 

एक राह पर साथ चल कर दो कदम

कुछ तुम

 कुछ हम


कभी सावन की झड़ी 

तो कभी रिमझिम बरसेंगे आंसू

कुछ तेरी आंखों से

 तो कुछ मेरी आंखों से


यूं ही बीतेगा अब के मौसम

कभी हंस के तो कभी रो कर

कहीं नरम

तो कहीं गरम 

बिन तेरे सनम।


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